शक्ति दर्शन
शक्ति दर्शन -7 मन की बात- इन्द्रधनुषी रंगों सा हो जीवन* https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2716089925335254&id=1598220847122173 हमारे देश में ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में भारतीय सभ्यता और संस्कृति की इन्द्रधनुषी विरासत हमारे सनातन मूल्यों की प्राण-प्रतिष्ठा सदियों से करती आई है। समाज की मर्यादा व गरिमा का मूल आधार, समाज की सुव्यवस्था और सुप्रगति का अमोघ साधन जो कि लालित्यमयी स्वरूप में समाज में प्रतिष्ठित है; वह है-- नारी। नारी का सात्विक शील व्यक्तित्व, बहुमुखी पारिवारिक सम्बन्धों व सामाजिक सम्बन्धों में विकास की ऊँचाई छूता है। सभ्यता भौतिकता की जननी है तो संस्कृति आध्यात्मिकता की।भारतीय संस्कृति कला की परिपोषक रही है। कला का काम मात्र मनोरंजन करना ही नहीं वरन् मन को परिष्कृत करना भी है। यह कला ही हमारे मन में सत्यम्, शिवम् और सुंदरम् की भावना पल्लवित करती है। नारी और कला एक दूसरे की पर्याय हैं। वास्तव में माना जाए तो नारी इस संसार की सबसे खूबसूरत कलाकृति है। जाहिर है उसका झुकाव बचपन से ही सुंदरतम् कलाओं की ओर होता है।वह अपने सृजन कौशल से चित्र ...

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